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लखनऊ: : यू पी में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद फाइनल सूची शुक्रवार को जारी कर दी गई। इससे पहले जनवरी में जारी की गई ड्राफ्ट सूची की तुलना में इस बार 84.3 लाख वोटरों का नाम इसमें जोड़ा गया है।
यह बढ़ोतरी उन सभी 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है जहां हाल में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हुई है। हालांकि पिछली सूची से देखें तो 13.2% नामों की कटौती हुई है। कटौती के मामले में यूपी केवल गुजरात से पीछे रहा। वहां 13.4% नाम हटाए गए है। अब यूपी में मतदाताओं की कुल संख्या 13.39 करोड़ है, जो कि 27 अक्टूबर को शुरू हुई एसआईआर से पहले की तुलना में 2.04 करोड़ कम है।
157 दिनों तक चली एसआईआर की प्रक्रिया को सबसे ज्यादा चार बार यूपी में ही विस्तार (extensions) दिया गया। यानी सबसे ज्यादा लंबा समय यहां लिया गया है। जबकि पश्चिम बंगाल को केवल एक बार विस्तार मिला। केरल और तमिलनाडु को दो-दो बार विस्तार दिया गया था।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को लोकभवन में पत्रकारों को बताया कि अंतिम सूची में 13.24 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। चार नवंबर 2025 से गणना चरण 26 दिसंबर 2025 तक चला। इसमें 2.89 करोड़ मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाया गया। छह जनवरी 2026 को 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट सूची जारी हुई। फिर छह मार्च से दावे, आपत्तियां मांगी गईं।
ड्राफ्ट सूची में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान न होने, 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले वोटरों को नोटिस दी गई। 27 मार्च तक नोटिस पर सुनवाई कर मामले निस्तारित किए गए। कुल गुणा-भाग के बाद एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में 2.04 करोड़ नाम घटे हैं और अब कुल 13.39 करोड़ मतदाता हैं।
सबसे ज्यादा नाम लखनऊ में कटे
यूपी की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा नाम लखनऊ मंडल में कटे हैं। यहां पर सर्वाधिक 20.40 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। वहीं दूसरे नंबर पर मेरठ मंडल में 20.68 लाख और तीसरे नंबर पर कानपुर मंडल 15.75 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। सबसे कम चित्रकूट मंडल में मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, यहां पर 3.06 लाख मतदाताओं के ही नाम काटे गए हैं।
ज्यादा नाम जिन मंडलों में कटे हैं, उनमें चौथे नंबर पर प्रयागराज मंडल में 15.44 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। ऐसे ही पांचवें नंबर पर बरेली मंडल में 13.78 लाख वोटरों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
पश्चिमी यूपी में ज्यादा कमी
अगर क्षेत्र के अनुसार देखा जाए तो पश्चिम क्षेत्र के जिलों में सर्वाधिक 69.25 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं। क्षेत्रवार दूसरे नंबर पर मध्य यूपी के जिलों में 59.78 लाख और तीसरे नंबर पर पूर्वांचल के जिलों में 48.90 लाख लोगों के नाम सूची से काटे गए हैं। सबसे कम नाम बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों के लोगों के कटे हैं यहां कुल 6.92 लाख लोगों के नाम ही सूची से काटे गए हैं।
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