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नई दिल्ली: : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और कोविड-युग जैसी सावधानी बरतने को कहा, तो कई लोगों को लगा कि यह सिर्फ एक सामान्य सलाह है. लेकिन केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ताजा आंकड़ों ने हड़कंप मचा दिया है।
पुरी ने खुलासा किया है कि सरकारी तेल कंपनियां इस समय रोज 1,000 करोड़ का भारी नुकसान सह रही हैं. इस तिमाही में तेल कंपनियों का कुल घाटा 1,00,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. यह आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि पर्दे के पीछे कुछ बहुत बड़ा हो रहा है. गृहमंत्री अमित शाह ने भी पीएम मोदी की इस अपील को आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी बताया. जानें लेटेस्ट अपडेट…
पीएम मोदी की अपील के बाद हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, गैस और एलपीजी की कीमतें आसमान छू रही हैं. तेल कंपनियां महंगे दाम पर कच्चा माल खरीद रही हैं, लेकिन आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए वे पेट्रोल-डीजल और गैस को पुरानी या कम कीमतों पर बेच रही हैं. सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर भी राहत देने की कोशिश की, जिससे सरकारी खजाने को महीने में 14,000 करोड़ का झटका लगा. लेकिन अब स्थिति यह है कि तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी यानी लागत और बिक्री के बीच का अंतर 2,00,000 करोड़ के पार जाने वाली है.
क्या फिर से होगा ‘जन आंदोलन’?
मंत्री हरदीप पुरी ने पीएम मोदी की अपील को जन आंदोलन में बदलने का आह्वान किया है. जानकारों का मानना है कि सरकार सीधे तौर पर कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ नहीं डालना चाहती, इसलिए वह लोगों से खुद खपत कम करने की अपील कर रही है. अगर खपत कम नहीं हुई और घाटा इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में कड़े आर्थिक फैसले लिए जा सकते हैं.भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है. हरदीप पुरी का यह बयान एक चेतावनी की तरह है कि अगर हम अभी नहीं संभले और ऊर्जा संरक्षण को अपनी आदत नहीं बनाया, तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार और बैंकिंग सिस्टम पर इसका गहरा असर पड़ सकता है.
अमित शाह ने क्या कहा?
गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, वैश्विक संकट के इस दौर में पीएम मोदी ने देशवासियों से एक दूरदर्शी अपील की है. पेट्रोल-डीजल के उपयोग में संयम, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा और केमिकल फर्टिलाइजर को छोड़ नेचुरल फार्मिंग को अपनाने का उनका यह आह्वान भारत को आत्मनिर्भर और एनर्जी सिक्योर राष्ट्र बनाने का स्पष्ट रोडमैप है. यह वैश्विक चुनौतियों के बीच देश को एक स्थिर, सशक्त और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में निर्णायक सिद्ध होगा.
अठावले बोले- पीएम मोदी की बात सच
पीएम मोदी की अपील पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, नरेंद्र मोदी एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो भारत के हर व्यक्ति का ख्याल रखते हैं. भारत सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को महत्व देती है. हमारी अर्थव्यवस्था में और अधिक विकास की आवश्यकता है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कही है.
फडणवीस बोले- हमें तकलीफ समझना होगा
पीएम मोदी की अपील पर महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, मुझे लगता है पीएम मोदी ने जो कहा है उस पर देश की जनता अमल करेगी. दुनिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के युद्ध के कारण तेल और गैस की कमी है। हमारे पास के देशों में इसकी किल्लत है और इसके दाम भी बढ़े हैं. फिर भी प्रधानमंत्री ने बड़े पैमाने पर अपनी सप्लाई पर फर्क नहीं पड़ने दिया. हमें तेल-गैस सब मिल रहा है लेकिन अगर हम इस तकलीफ को नहीं समझेंगे और इसका ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं करेंगे तो हमें भी किल्लत का सामना करना पड़ेगा इसलिए प्रधानमंत्री ने जो कहा है सारे देशवासी उसपर अमल करें।
वो हमारे सांसद हैं, देश के लिए कुछ भी: पीएम मोदी की अपील पर बनारसियों ने भरी हामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘आर्थिक देशभक्ति’ और पेट्रोल-सोना बचाने की अपील का उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जोरदार स्वागत हुआ है. गंगा के घाटों से लेकर गलियों तक, लोगों ने एक सुर में कहा कि संकट की घड़ी में देश के साथ खड़ा होना हर नागरिक का धर्म है. बनारस की जनता का कहना है, मोदी जी हमारे सांसद हैं और अगर उन्होंने देश के भले के लिए कुछ कहा है, तो हम उसका स्वागत करेंगे. स्थानीय लोगों ने पेट्रोल कम जलाने और स्वदेशी अपनाने के सुझावों को सही ठहराते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है. वाराणसी के लोगों के लिए यह अपील सिर्फ एक सुझाव नहीं, बल्कि ‘काशी का संकल्प’ बन गई है।
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