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०चुप कराने के लिए किसी का प्रयास काम न आया….
०रोते रोते सो गई तब बंद हुई चीख….
(शैलेन्द्र सिंह चौहान)
लखनऊ : : गोसाईगंज क्षैत्र में हुई बस दुर्घटना में जिस बस में लुधियाना से सीतामडी बिहार जाने के लिए पूनम ( 35) बेटे गौरव (7) व बेटी मुस्कान (2) बस में सफर कर रही थी। पुर्वांचल एक्सप्रेस वे पर आचानक बस अनियंत्रित होकर पलट जाने से मां व बेटे घायल हो गए। बेटी सकुशल बच गई। हादसे के बाद डरी सहमी बेटी मां के लिए चीखने लगी। मां के लिए बच्ची की चीख और तड़प देख हर आंख रो रही थी।

हर कोई उसे चुप कराने का प्रयास करता लेकिन उसकी चीख से सामने वाला खुद सहम जाता। ऐसा ही हाल दूसरे बच्चे आरु (3) का हाल रहा। वह भी अपनी मां के लिए चीखता रहा। लोग गोदी में लेकर चुप कराने का प्रयास करते कुछ खाने की चीज दिलाने का प्रयास करते लेकन बच्चे चुप नही हुए। आरु मां के साथ दरभंगा विहार जा रही थी। पड़ोस की सीट पर बैठी महिला जिज्ञासा ने उसे गोद मे लिया उसे चुप कराने का प्रयास कर रही थी तभी उसकी गोद मे रोते रोते सो गई।

हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में बैठा आरु भी मां के लिए रो रहा था। मां और पिता दोनो के घायल हो जाने के बाद पुलिस उसे चुप कराने का प्रयास करती लेकिन वह चुप होने नही हो रहा था। पुलिस ने बताया कि आरु के मा और पिता को ट्रामा 2 भेजा गया है। बच्चों को संभालने के लिए पुलिस को बड़ी मेहनत की लेकिन सोने के बाद ही चुप हुए।
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