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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर निष्कर्ष प्रकाशन के तत्वावधान मे”सुर सजे धरा के” साहित्यिक मंच द्वारा भव्य काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन आनलाइन माध्यम से किया गया। इस आयोजन में विभिन्न साहित्यिक मंचों के संस्थापकों,एडमिन व अन्य साहित्यकारों ने अपनी सहभागिता दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ‘बोलती कलम’ मंच की वरिष्ठ कवयित्री आदरणीया पुष्पा पाठक जी व अध्यक्ष श्री भारत भूषण वर्मा जी थे जो असंध,करनाल क्षेत्र से संबद्ध ख्यातिलब्ध विद्वत साहित्यकार हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन “सुर सजे धरा की” संस्थापिका डाॅ मंजू शकुन खरे जी ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ गुरूवंदना व प्रथम पूज्य श्री गणपति जी के वंदन से हुआ तत्पश्चात आदरणीया पूनम सिंह ‘प्रियश्री’ प्रतापगढ ,उत्तर प्रदेश द्वारा माँ सरस्वती का मधुर स्वर में आवाह्न किया गया । सर्वप्रथम काव्य प्रस्तुति का आरंभ ” श्रीराम अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ वर्ग” की ग्रुप एडमिन,वरिष्ठ शिक्षिका आदरणीया संध्या श्रीवास्तव ,”सांझ ” छतरपुर, मध्य प्रदेश की सुन्दर सार्थक रचना से हुआ।उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति स्वरूपा है,सदियों से यही बात है होती ,देवी मानो अथवा न मानो ,घर की धुरी वही है होती’।इसके साथ ही आदरणीय श्री ओम ऋषि भारद्वाज,एटा ,उत्तर प्रदेश, श्री लक्ष्मीकांत शर्मा जी,अलवर,राजस्थान, श्री मनोज ओजकवि ,कासगंज, उत्तर प्रदेश, आदरणीया निधि बोथरा जी(आराधिका मंच ,पश्चिम बंगाल संस्थापिका),आदरणीया नैन्सी शर्मा(हिन्दी साहित्य मंच संस्थापिका),आदरणीया ज्योति प्यासी जी, आदरणीया ज्योति वर्णवाल जी,आदरणीया नीलम अग्रवाल रत्न जी,आदरणीया सोनम जी झारखंड,आदरणीया सोनिका गोस्वामी जी शर्मा ,आदरणीया सोनी बरनवाल ” कशिश ” जमुई, बिहार, आदरणीया उमा शर्मा”उमंग ” जी दिल्ली,आदरणीय किरण सेन दुर्ग ,छत्तीसगढ, आदरणीया अनीता महेश पाणिग्राही जी,आदरणीया सम्पति चौरे जी ने अपनी मनमोहक व सारगर्भित प्रस्तुति दीं। आदरणीया उमा जी ने कहा कि नारी को भूमिका को किसी दिन विशिष्ट के दायरे में न समेटा जाये।आदरणीया पुष्पा पाठक जी की रचना अनुभव -रस से सिक्त शीतल थी ,वहीं ज्योति जी की काव्य प्रस्तुति में ओज झलक रहा था।पुरूष वर्ग से आदरणीय लक्ष्मीकांत जी, श्री ओम भारद्वाज जी व श्री मनोज मंजुल जी सभी ने नारी शक्ति को पूर्ण सहयोग व प्रोत्साहन दिया।अध्यक्षीय उद्बोधन में आदरणीय श्री भारत भूषण वर्मा जी ने सुन्दर समीक्षा करते हुये इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस की महत्ता व इतिहास पर विशेष प्रकाश डाला और वर्तमान में नारी के बहुआयामी व्यक्तित्व व महत्वपूर्ण भूमिका की दिल खोलकर सराहना की।साथ ही नारी को वर्तमान चुनौतियों का डटकर सामना करने हेतु प्रोत्साहित भी किया। आयोजन की संचालिका डाॅ मंजू खरे ने कहा कि इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है “Give to gain” अर्थात देने के सकारात्मक लाभ तो निस्संदेह यह थीम समावेशी विकास को प्रोत्साहन देती हुई लैंगिक समानता का प्रचार- प्रसार करती है।यदि हम नारी को मान- सम्मान, यथोचित अधिकार और प्रेम व सहयोग देते हैं तो यह संसार और अधिक सुन्दर, सुरुचिपूर्ण और आनंदमय बन सकता है।नारी शक्ति को नमन करती हुई पंक्तियाँ, ” मृदुल नवल नूतन विहान सम,नव किसलय होती है नारियाँ,घर-आँगन, जग-मन महका दें,सुमन सुवासित होती हैं नारियाँ।”
आयोजन का समापन राष्ट्रगीत ‘ वन्देमातरम ‘ हुआ। ।
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