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लखनऊ : : राजधानी में जालसाजों ने जीवन पथ और बेक फाउंडेशन के नाम से खोले गए फर्जी एनजीओ में स्वास्थ्य विभाग की क्षय रोग जागरूकता योजना पर अभियान चलाने के नाम पर 150 से अधिक बेरोजगारों से ठगी की।
जालसाजों ने बेरोजगारों को जिले और ब्लॉक स्तर पर कोऑर्डिनेटर और फील्ड अफसर बनाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठग लिए। प्रति बेरोजगार एक से सवा लाख रुपये की उगाही की।
ठगी का शिकार अधिकतर बेरोजगार महाराजगंज, देवरिया और गोरखपुर समेत अन्य जिलों के हैं। पीड़ितों की तहरीर पर विकासनगर थाने में तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ितों में चंद्रमणि तिवारी, गरिमा पाठक, मनीषा पटेल, मुशीर अहमद खान, ललीता, सचिन पाठक, सविता राय, अरविंद गुप्ता, अमित सिंह, अजीत सिंह, अभय शर्मा, कमर्स रावत, नेहा उर्फ फातिमा, अनीता शर्मा, नमीता तिवारी, जय शंकर तिवारी, अशोक पाण्डेय समेत अन्य लोग हैं।
पीड़ितों के मुताबिक उनकी मुलाकात देवरिया के रहने वाले पारसनाथ खरवार से हुई थी। उन्होंने बताया कि विकासनगर सेक्टर छह में उनका जीवन पथ और बेक फाउंडेशन के नाम से एनजीओ है। एनजीओ स्वास्थ्य विभाग से क्षय रोग पर जागरूकता अभियान चलाने का काम मिला है। संस्था में 30 से 90 हजार रुपये का वेतन मिलेगा। नौकरी के नाम पर प्रशिक्षण, नियुक्तिपत्र, मेडिकल और आईडी कार्ड व नियुक्तिपत्र के मद में एक से सवा लाख रुपये की मांग की।
कई दिनों तक पारसनाथ ने अपने विकासनगर स्थित दफ्तर में बुलाया। वहां उसके अलावा विपिन और प्रताप सिंह मिलते थे। आफिस में पूरा स्टाफ रख रखा था। शैक्षिक दस्तावेज जमा कराए गए। नौकरी के लिए मांगे गए एक से सवा लाख रुपये का भुगतान बेरोजगारों द्वारा किया गया। नियुक्तिपत्र, आईकार्ड आदि भी वितरित किए गए। काम पर भेजा गया। कुछ दिन तक काम किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया। पड़ताल हुई तो खुलासा हुआ कि पारसनाथ ने एनजीओ के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी की है। ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने विकासनगर थाने में तहरीर दी। थानाप्रभारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ितों की सम्मिलित तहरीर पर पारसनाथ, विपिन और प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तफ्तीश की जा रही है।
पांच के खातों से पार किए 11.47 लाख
राजधानी लखनऊ में साइबर ठग लगातार लोगों की कमाई पर डांका डाल रहे हैं। जालसाजों ने सैन्यकर्मी व महिला समेत पांच के खातों से 11.47 लाख रुपये उड़ा लिए। कहीं जालसाज ने क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बनकर फंसाया तो कहीं लिंक भेजकर ठगी की। यह मामले कैंट, सरोजनीनगर, जानकी पुरम, बाजारखाला और कृष्णानगर थाने के हैं। संजोग क्षेत्री विहार निवासी सैन्यकर्मी ज्ञानप्रकाश, जानकीपुरम निवासी अभिषेक चौधरी, बाजारखाला के भदेवां निवासी मो. शारिक अल्वी, कृष्णानगर के बाराबिरवा निवासी खुशबू के साथ ठगी हुई है।
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