जेडी न्यूज विजन….
_बिजनौर का पूर्व पार्षद निकला चोर, 21 मामले दर्ज….
जबलपुर: : रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने मिलिट्री स्टाइल में ऑपरेशन करते हुए तालाब में छुपे एक इंटर-स्टेट चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ 21 आपराधिक प्रकरण दर्ज है और एक दर्जन से अधिक प्रकरण में उसकी तलाश थी।
आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और पूर्व में पार्षद भी था। आरोपी बचाव के लिए भागकर एक तलाश में छुप गया था। आरपीएफ ने गोताखोर की मदद से उसे तालाब से बाहर निकलने के बाद गिरफ्तार किया।
RPF थाना प्रभारी राजीव खरब से मिली जानकारी अनुसार सिहोरा रेलवे स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात जवानों ने सुबह करीब 4.50 बजे ट्रेन नंबर 11753 से एक संदिग्ध आदमी को उतरते हुए देखा। वह कथित तौर पर ट्रेन के अंदर एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश कर रहा था। आरपीएफ जवानों ने उसका पीछा किया तो वह स्थानीय बाजार के पास स्थित काई से ढके तालाब में कूद गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए, वह घंटों तक पानी में डूबा रहा और सांस लेने के लिए कमल के खोखले तने (डंठल) का इस्तेमाल करता रहा।
चोरियों का मास्टर माइंड बताया जा रहा
- जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी का प्रयास
- महिला का पर्स छीनने का प्रयास, नजर में आया
- पुलिस से बचने काई से भरे तालाब में कूद गया
- 5 घंटे कमल के डंठल से सांस लेता रहा
- बिजनौर में 2017 में पार्षद रहा है
- कई राज्यों में 21 से अधिक मामले दर्ज
- सैकड़ों चोरियों का मास्टर माइंड बताया जा रहा
5 घंटे बाद गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला
जवानों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों की मदद से आरोपी की तलाश कर उसे बाहर निकाला गया। तालाब से बाहर आने के बाद भी आरोपी ने भागने का प्रयास किया। इस पूरी कवायद में पांच घंटे से अधिक का समय लगा।
2017 में बिजनौर यूपी से पार्षद भी रहा है चोर
प्रारंभिक पूछताछ में अपनी पहचान छुपाते हुए जांच अधिकारी को गुमराह करने का प्रयास किया। आरोपी की पहचान एक अंग्रेजी अखबार के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले हरविंदर सिंह (32) के रूप में हुई। आरोपी साल 2017 में बिजनौर से पार्षद का चुनाव भी जीता था।
MP सहित अन्य प्रदेशों में 21 से अधिक मामले दर्ज
आरोपी के खिलाफ अभी तक मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में 21 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में दर्ज एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरणों में उसकी तलाश थी। आरपीएफ ने आरोपी को प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी के खिलाफ भोपाल में दर्ज अपराधिक प्रकरण में न्यायालय में वारंट जारी किया था। जीआरपी भोपाल के आवेदन पर न्यायालय ने आरोपी को उनके सुपुर्द कर दिया है।
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