जेडी न्यूज विजन…..
जब होगा होलीका दहन आएंगे वह लौट के रंग सावन की तरह,
याद आएंगे फिर वृंदावन के दिन की तरह।
ज़िक्र जिस तरह हुआ उन की गली में मेरा,
मन में बसाये खिले रोम रोम पावन की तरह।
मेरे घर कोई रोज़ सूरज की किरणों से उतरे,
मोरपंख के सुनहरे रंग प्रेममयी दर्शन की तरह।
एक ही आश लिए जीवन जी रही हूं बरसों से,
उनके अंग से उडे रंग मैं धन्य दुल्हन की तरह।
रंगोत्सव धूलेटी मना सकूं श्री राधे और गोपियों की तरह,
कास ‘किरण’ लेने आए कृष्ण साजन की तरह।
✒️ किरण चोनकर “दिवानी”
धरमपुर (गुजरात)
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