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बीजेपी ने खेला बड़ा दांव…अखिलेश और सपा की काट को लेकर पार्षद मनोनयन में पीडीए पर ही करेगी फोकस….
लखनऊ : : भारतीय जनता पार्टी ने निकायों में नामित किए गए पार्षदों के जरिए बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने निकायों में सर्वाधिक तरजीह पिछड़ी जातियों को दी है। खास बात यह है कि राजनैतिक दृष्टि से हाशिए पर मानी जाने वाली ओबीसी व दलित जातियों को प्रतिनिधित्व देकर सूबे की सियासी हवा का रुख अपनी ओर मोड़ने की कोशिश की है।
माना जा रहा है कि भगवा दल ने समाजवादी पार्टी के पीडीए की काट के लिए छोटी जातियों पर फोकस किया है।
भाजपा ने लंबी जद्दोजहद के बाद प्रदेश के 914 शहरी निकायों में 2802 पार्षदों को नामित कर दिया। लंबे इंतजार के जारी हुई इस सूची के जरिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के साथ ही उन्हें सियासी रूप से सक्रिय करने का प्रयास किया है। हजारों और कार्यकर्ता भी जल्द जिला व क्षेत्रीय कमेटियों, आयोग, निगम, बोर्डों के साथ ही प्रदेश की टीम में समाहित होने वाले हैं। ऐसा करके भाजपा कई निशाने एक साथ साधने की फिराक में है। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बिखरे सामाजिक गुलदस्ते को पार्टी ने फिर से सहेजने की कोशिश की है। मनोनीत पार्षदों की सूची इसी ओर इशारा करती है।
नगर निगमों से लेकर नगर पालिका और नगर पंचायतों में हुई नियुक्तियों के सामाजिक समीकरण देखें तो दीगर पिछड़ी जातियों के साथ ही तमाम ऐसी ओबीसी जातियां हैं, जो सियासी रूप से पूरी तरह गुमनामी का शिकार थीं। इनमें हलवाई, दर्जी, माली, पटवा, कसेरा, गोसाई, ठठेरा, कसौधन, कोष्ठा, कौशल, जोगी, धुरिया, पाटकार, रुहेला, रैकवार, भट्ट, कर्णवाल जैसी तमाम जातियां शामिल हैं। इन जातियों के प्रतिनिधियों को शहरी निकायों के सदन में भेजा गया है।
वहीं दलितों में भी वाल्मीकि, जाटव, कोरी, खटीक, पासी, धानुक, धोबी के अलावा हाशिए पर मानी जाने वाली वंशकार, भेला, भुईयार, बेलदार, बहेलिया, नट, दुगाम्य, गोंड, बंजारा, मुसहर, बाथम, धनकर, तुरहा, खरवार, कोल, कंजर जैसी तमाम जातियों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
अल्पसंख्यकों को भी दिया प्रतिनिधित्व
शहरी निकायों में यदि जातिगत प्रतिनिधित्व की बात करें तो अगड़ों और दलितों को साधने के साथ ही सर्वाधिक प्रतिनिधित्व पिछड़ी जातियों को दिया गया है। अगड़ों में सर्वाधिक हिस्सेदारी ब्राह्मण, वैश्य और क्षत्रियों को दी गई है। इसके साथ ही अल्पसंख्यकों को भी साधा गया है। इनमें सिख, जैन, ईसाई के साथ ही मुस्लिमों को भी निकायों में भागीदारी दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ मिलकर प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने इस पूरी कवायद को बेहद बारीकी और गोपनीयता से अंजाम दिया है।
सहयोगियों का भी रखा ख्याल
भाजपा ने पार्षदों के मनोनयन में सहयोगी दलों का भी पूरा ख्याल रखा है। उन्हें भी निकायों में प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्हें निकायों में 80 पद दिए गए हैं। राष्ट्रीय लोकदल के सर्वाधिक 39 पार्षद नामित किए गए हैं जबकि अपना दल के हिस्से 25 पार्षद आए हैं। निषाद पार्टी के नौ और सुभासपा के सात पार्षद मनोनीत किए गए हैं।
मनोनीत पार्षदों की जातिवार स्थिति
नगर निगम
सामान्य 79
ओबीसी 59
एससी 24
अल्पसंख्यक 8
एसटी 0
नगर पालिका
सामान्य 430
ओबीसी 374
एससी 163
अल्पसंख्यक 31
एसटी 2
नगर पंचायत
सामान्य 591
ओबीसी 709
एससी 299
अल्पसंख्यक 29
एसटी 4
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