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(अरुण कुमार गुप्ता)
_सौदागर सिंह के वाणी वन्दना जय जय जय वीणावादिनी, जय जय वीणा पाणि से हुआ…
देवरिया नागरी प्रचारिणी सभा, देवरिया द्वारा आयोजित द्वितीय रविवारीय कवि गोष्ठी का शुभारंभ सौदागर सिंह के वाणी वन्दना जय जय जय वीणावादिनी, जय जय वीणा पाणि से हुआ। उसके बाद याज्ञसेनी द्रौपदी की मनोदशा को रेखांकित करते हुए प्रेम क्यों मैं लिख नहीं पायी कवयत्री कीर्ति त्रिपाठी ने सुनायी और प्रशंसा बटोरी। आगे कवयित्री रंजीता श्रीवास्तव ने अपनी कविता कोरे कागज की तरह खुद को संभालकर रखी हूं पढी। सच्चिदानंद सबेरा ने मां के महत्व को बताते हुए भोजपुरी गीत बबुआ डुबी जइब नरक में जाइके दुख जो देब माइ के नाम सुनाकर वाहवाही लूटी। गोष्ठी में गोन्डा से उपस्थित कवि रामनरेश मणि ने हिंद देश में रहते हैं हिन्दी हमारी पहचान है गीत के माध्यम से हिन्दी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। प्रसिद्ध गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने अपने गीत चल रही कैसी हवा जल रहा तन मन यहां प्रस्तुत कर काव्य गोष्ठी को ऊंचाई दी। नित्यानंद आनन्द ने भोजपुरी बोली की विशेषता को व्यक्त करने हुए भोजपुरी शान ह आपन मातृभाषा ह, माई के नेह से घुलल दूध बतासा ह, गीत सुनाकर तालिया बटोरी।
गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय ने हमरे जियरा में उठेला तूफान बबुआ लोग लउकता काहे परेशान बबुआ सुनायी।

कवि गोष्ठी में कौशल किशोर मणि, सूर्य नारायण गुप्त सूर्य, राम तेज शर्मा, रानी दुर्गावती, सीमा नयन, संतोष कुमार विश्वकर्मा, योगेन्द्र तिवारी योगी, संजय आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
कवि गोष्ठी कै बाद स्व राम सेवक मिश्र की कृति राघव शतक तथा सूर्य नारायण गुप्त सूर्य की कृति हाइकू वाटिका का लोकार्पण सदर विधायक माननीय डॉ शलभ मणि त्रिपाठी, सभाध्यक्ष डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी, मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी, सभा के उपाध्यक्ष इन्द्र कुमार दीक्षित, डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी के कर कमलों से हुआ। लोकार्पण के पश्चात पुस्तक के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी ने कहा सेवक मिश्र जी बड़े कद के आदमी थे उन्होंने कलकत्ता के विश्वामित्र और राष्ट्रधर्म पत्रिका का सम्पादन किया था फिर वे इस क्षेत्र के लिए अपरिचित रहे यह दुर्भाग्य पूर्ण था। उन्हें ऊपर उठाया जाना चाहिए था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक डॉ शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्व राम सेवक मिश्र जी के साथ वास्तव में समाज द्वारा अन्याय हुआ है जिसकी पूर्ति उनके पुत्र आत्म प्रकाश मिश्र जी करने की कोशिश कर रहे हैं इसके लिए उन्हें ढेर सारी बधाई। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ऐसे प्रयासों के लिए आप जब भी याद करेंगे मैं आपका साथ देने की कोशिश करुंगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एम पी गोड़ ने हर दिल का एक राज होता है, हर बात का एक अंदाजा होता है गीत पढी। सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने सबको अपना अमूल्य समय देने के लिए आभार प्रकट किया। अध्यक्ष डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी ने अंत सबके प्रति धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अजित तिवारी, अंजनी कुमार उपाध्याय, प्रेमानंद तिवारी, जवाहरलाल बरनवाल, सुबास राय, सुरेन्द्र मिश्रा, प्रेमचन्द्र मिश्र, विपिन श्रीवास्तव, रजनीश मोहन गोरे, सुधीर पाण्डेय, विजय कुमार गुप्त, शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, शम्भू नाथ पाल, डॉ मधुसूदन मिश्र, डा. सौरभ श्रीवास्तव, वीरेश्वर मिश्र, रणजीत कुमार, शोभा गौड़, संध्या शुक्ल, संजय प्रसाद, सौरभ धर द्विवेदी, प्रिया, संगीता, उत्तम कुमार सिंह, श्याम लता मिश्र, रतन कुमार मिश्र, रमेश नाथ दीक्षित, डॉ एस पी चतुर्वेदी, ऋषिकेश मिश्र, रामतेज शर्मा आदि गणमान्य उपस्थित रहे। सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन आत्म प्रकाश मिश्र ने किया। अंत में राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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