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(सुरेन्द्र कुमार वर्मा)
लखनऊ : : गोसाई गंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में आज राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की ओर से चलाए जा रहे धरने मे दो महिलाओं की ओर से अस्पताल में रिश्वत लिए जाने की बात कही गई। डिप्टी सीएमओ की यही बात पसंद नहीं है और उनका आक्रोश बाहर आ गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों की वजह से स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
धरना दे रहे रा0कि0म0 संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए जाने वाले बीमारों और उनके तिमारदारों से सिर्फ धन उगाही का काम किया जाता है। इस बात की शिकायतें हर तरफ से सामने आने लगी है। इसी बात की शिकायत संगठन के नेताओं जिला महामंत्री राम सिंह और मण्डल महा मंत्री हरिपाल सिंह की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की गई थी। शिकायत पत्र में समस्या पर विचार न किए जाने की स्थिति में 30 अप्रैल से अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई थी। आज सुबह से धरने का कार्यक्रम शुरू किया गया। आयोजन में स्थानीय पुलिस के लोगो को अलावा स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों पक्षों के मध्य बात चीत शुरू हुई। तभी दो शिकायत कत्री महिलाओं
गोसाईगंज की निवासी आरती की ओर से 200 रुपए और नरौरा गांव की सुशील की ओर से 6000 हजार रुपए रिश्वत में मागे जाने का आरोप लगाया गया। यही बात डिप्टी सीएमओ को नागवार गुजरी । वे धरना देने वाले के साथ लड़ाई करने पर उतर आए। उन्होंने अपने अधीनस्थों का बचाव करते हुए कहा कि मरीज डॉक्टर या अन्य किसी कर्मचारी को पैसा देते ही क्यों है? डिप्टी सीएमओ की इसी बात पर संगठन के नेता हरिपाल सिंह सीधे तौर पर कहा कि यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटने जैसा हो गया। भाकियू नेता ने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा टिकैत ने उन्हें संगठन के रूप में चलवार दे दी है। लड़ाई में जो भी सामने आएगा वह कटेगा। इस प्रकार संगठन और डिप्टी सीएमओ के मध्य ही वार्ता असफल हो गई इसीलिए अनिश्चितकालीन धरना चालू है ।
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