Breaking News

इटली में “एग्रीकोला मेडल” से सम्मानित किए गए पी एम मोदी….

JD NEWS VISION….

.पूरी दुनिया में बजा मोदी के नाम का डंका….

संयुक्त राष्ट्र (UN) की प्रमुख संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘एग्रीकोला मेडल’ (Agricola Medal) से सम्मानित किया है….

बताते चलें कि यह FAO द्वारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा और सर्वोच्च सम्मान है, जो वैश्विक स्तर पर कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाने वाले नेताओं को दिया जाता है।

एफएओ के डायरेक्टर जनरल डॉ. क्यू डोंगयू ने इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत सरकार की नीतियों की जमकर तारीफ की. उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी को यह मेडल किसानों के कल्याण, देश में खाद्य सुरक्षा के अभूतपूर्व विस्तार और गरीबी व भूख के खिलाफ उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है. एफएओ ने माना कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कृषि और डिजिटल सेवाओं के बेहतरीन तालमेल ने करोड़ों भारतीयों की जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है।

भारत की जिन प्रमुख योजनाओं की सबसे ज्यादा गूंज:

  1. महामारी और उसके बाद 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराना.

  2. 11 करोड़ किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक सहायता देना.

  3. देश में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का रूप देना.

  4. भारत की पहल पर मोटे अनाज (मिलेट्स/श्री अन्न) को दुनिया भर की थाली तक पहुंचाना.

कृषि क्षेत्र के परिश्रम का सम्मान: पीएम मोदी…..

इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘एफएओ का एग्रीकोला मेडल प्राप्त कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. यह सम्मान खाद्य सुरक्षा, सतत विकास और हमारे कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की कड़ी मेहनत के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.’

140 करोड़ की जनता को सम्मान

पीएम मोदी ने मेडल के लिए एफएओ चीफ को धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने कहा, ‘यह सम्मान सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए है. यह भारत के किसानों और मछुआरों के लिए सम्मान है. मैं यह मेडल भारत के किसानों को समर्पित करता हूं.’ उन्होंने कहा कि भारत में खेती मुख्य धारा है और कहा, ‘हम अपनी जमीन की पूजा करते हैं.’

पीएम मोदी का संबोधन

यूएन की संस्था एफएओ द्वारा सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘भारतीय सभ्यता में कृषि केवल फसल उगाने भर का माध्यम नहीं है. इसे मनुष्य और ‘मदर अर्थ’ के बीच एक गहरे पवित्र और पवित्र संबंध का दर्जा दिया गया है. भारत में कृषि जीवन की मूल धारा है। हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है. हमारे जीवन मूल्यों का प्रतिबिंब है. हमारे यहां धरती को ‘मां’ कहा जाता है, और किसान को ‘धरती पुत्र’ की संज्ञा दी जाती है. हजारों वर्ष पुराने यही मूल्य आज भी हमारे प्रयासों की प्रेरणा हैं. फ्रेंड्स, हजारों वर्षों की सीख और भारत की कृषि परंपरा के साथ, आज हमारा देश एग्रीकल्चर सेक्टर में साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन ड्रिवन अप्रोच को लेकर आगे बढ़ रहा है. हम सिर्फ प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए ही नहीं, एक ऐसा फार्मिंग इकोसिस्टम बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं, जो सस्टेनेबल भी हो, क्लाइमेट रेजिलिएंट भी हो और फ्यूचर रेडी भी हो. और इसलिए पूरे भारत में साइंटिफिक एग्रीकल्चर को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है.’

G F….

About admin

Check Also

मोदी सरकार ने पेट्रोल पर लिया एक और बड़ा फैसला… 3 रुपये का लगा विंडफॉल टैक्स

जेडी न्यूज विजन… पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *