पेट्रोल-डीजल संकट से हाहाकार ⛽
“गोरखपुर में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर से लेकर गांव तक कई पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई पड़े हैं। लोग हाथ में गैलन लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन तेल नहीं मिल रहा।
गोरखपुर में मंगलवार व बुधवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। धर्मशाला, टाउनहाल, रेल म्यूजियम और काली मंदिर इलाके के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि गांवों क्षेत्र मे गोला, कौड़ीराम गगहा बांसगांव खजनी उरुवा सिकरीगंज मे हालात और भी खराब हैं।
ग्रामीण इलाकों के अधिकांश पेट्रोल पंप पूरी तरह सुख चुके हैं। लोगों का कहना है कि कई किलोमीटर घूमने के बाद भी पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा। किसान परेशान हैं, बाइक और कार चालक परेशान हैं, यहां तक कि जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी सड़कों पर भटकते नजर आए।
कई जगह लोग हाथ में गैलन लेकर लाइन में खड़े दिखाई दिए। कुछ पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लाइन आधा किलोमीटर तक पहुंच गई।
“ एक आम नागरिक ने बताया सुबह से तीन पेट्रोल पंप घूम चुके हैं, कहीं तेल नहीं मिला… अब समझ नहीं आ रहा क्या करें।”
“ सांसद विधायक जनप्रतिनिधि लोग भाषण दे रहे हैं कि साइकिल चलाइए, इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाइए… लेकिन सांसद विधायक महोदय प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले फील्ड में मार्केटिंग करने वाले कैसे साइकिल चलाएंगे पेट्रोल और डीजल की किले से प्राइवेट सेक्टर में छूट रही है नौकरियां पेट्रोल के चक्कर में कोई नौकरी पर लेट हो जा रहा है कोई किसी का काम नहीं हो पा रहा है वह तो लाइन में लगकर सिर्फ पेट्रोल और डीजल बनाने के चक्कर में है या फिर घूम घूम कर पेट्रोल खोज रहा है इस समय खेती-बाड़ी का समय है गांव में ट्रैक्टर की टंकी सूखे पड़े हैं कहीं डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है खेत की जुताई नहीं हो पा रही है ऐसे में किस जो परेशान हैं वह कैसे खेत की बुवाई करेंगे बहुत बड़ा सवाल है यह देश के लिए
“एक तरफ जनता तेल की किल्लत से जूझ रही है, दूसरी तरफ जिम्मेदार लोग सिर्फ बयानबाजी में लगे हैं। सवाल ये है कि आखिर गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल संकट कब खत्म होगा और आम लोगों को राहत कब मिलेगी?”
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