जेडी न्यूज़ विज़न….
तेरा दर्द कोई ना…
तेरा दर्द कोई ना समझ सका,
कहीं सुकून तुझे नहीं मिला।
जिस-जिस से तुझे ये आस है,
तुझे बस दो लफ़्ज़ों की जुस्तजू।
हर कहीं से इसकी सदा ना आई,
बस इसी की दिल में बड़ी टीस है।
ये बिछड़ा मन कहीं रो न दे,
थामता दिल-ओ-जिगर को यूँ।
मेरे सलामत दोनों हाथ से,
बस में नहीं मेरे ये उखड़े हालात हैं।
क्यों सदा न आई प्यार की,
लगता किस्मत मुझसे नाराज़ है।
– मदन वर्मा “माणिक”
इंदौर, मध्यप्रदेश
दिनांक: 25/03/26
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