जेडी न्यूज़ विज़न….
(सन्तोष कुमार गुप्ता)
कौड़ीराम, क्षेत्र के ग्राम सभा तीयर बरईठ चौराहे पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास आचार्य विनोद जी महाराज ने जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल उदाहरणों से समझाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सूर्यास्त के बाद ही नए सवेरे का जन्म होता है, वैसे ही जीवन में विसर्जन के बिना सृजन संभव नहीं है। दुखों से घबराने के बजाय धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि अंधकार कितना भी घना हो, वह सूर्योदय को रोक नहीं सकता। आचार्य ने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि परमात्मा से कभी कोई शिकायत मत करो। वह हमसे बेहतर जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है। कथा के दौरान उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान देते हुए कहा कि भूख ही खाने का स्वाद तय करती है। दुनिया में कोई अच्छा या बुरा नहीं होता, बल्कि सामने वाले की जैसी जरूरत होती है, आप उसके लिए वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। आचार्य ने कहा कि विश्वास ही वह आधार है जो जीवन को सार्थक बनाता है। बिना विश्वास के न तो रिश्ते टिकते हैं और न ही प्रार्थना में पवित्रता आती है। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
Jd News Vision