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नवरात्रि के पावन भक्तिमय वातावरण में निष्कर्ष पब्लिकेशन व संस्थापिका डाॅ दिव्या सिन्हा जी एवं ‘सुर सजे धरा के’ मंच की संस्थापिका डाॅ मंजू शकुन खरे ने गूगल मीट ऑनलाइन माध्यम से एक सुन्दर काव्य गोष्ठी का आयोजन दिनांक 25-03-2026 की सांध्य वेला में किया।तीन घण्टे से अधिक समय तक चली इस भजन संध्या में लगभग पैंतालीस साहित्यकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी।

आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकारा पुष्पा पाठक जी ने की एवं रायबरेली ग्रुप के संस्थापक शिवनाथ सिंह दादा ने मुख्य अतिथि के रूप में दायित्व निर्वाहन किया।सुधीर श्रीवास्तव जी , गोण्डा एवं माँ शारदा साहित्यिक ग्रुप के संस्थापक राजू धाकड़ ‘सरल’ ने विशिष्ट अतिथि पद को सुशोभित किया। काव्य गोष्ठी का प्रारंभ उमा शर्मा”उमंग” जी द्वारा सरस्वती वंदना के द्वारा किया गया ।राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देश के विभिन्न प्रांतों व क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भिन्न-भिन्न स्थानों से सम्मिलित हुए कवि -साहित्यकारों ने किया।

इनमें वरिष्ठ साहित्यकारा अणुव्रतसेवी डाॅ प्रोफेसर ललिता बी जोंगड, आराधिका ग्रुप, इस्लामपुर, पश्चिम बंगाल की संस्थापिका डाॅ निधि बोथरा जैन, हिन्दी साहित्य मंच की संस्थापिका कवयित्री नैन्सी गुप्ता,उन्नाव,उत्तर प्रदेश, सीमा शर्मा मंजरी,दिल्ली,मेघा अग्रवाल ,मेरठ,श्रीराम अंतर्राष्ट्रीय संस्थान की संस्थापिका दिव्यांजलि वर्मा,वरिष्ठ साहित्यकारा पंडित विजयलक्ष्मी अनाम अपराजिता ,अहमदाबाद, वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेविका संजुला सिंह ‘संजू’, मोहिनी गुप्ता जी, नेहा वार्ष्णेय, वरिष्ठ साहित्यकारा भागवती बिहानी ,राजस्थान, सम्पत्ति चौरे, उमा शर्मा”उमंग ” , दिल्ली, डाक्टर खूश्बू गौतम,ज्योति वर्णवाल, वरिष्ठ साहित्यकारा सुधा गोयल, राजेश तिवारी “मक्खन ” झाँसी,रामनिवास तिवारी आशुकवि, निवाड़ी,अनिता महेश पाणिग्राही,डाॅ नवल जोशी ‘ नवल’ ,दिल्ली,नीलम अग्रवाल ‘रत्न’ बेंगलुरू,मधु गुप्ता ‘अपराजिता’,गाजियाबाद, किरण सेन, दुर्ग, छत्तीसगढ, संगीता निगम ,झांसी,कनक पारिख ,विशाखापट्टनम,पूनम सिंह ‘ प्रियश्री’ प्रतापगढ,विनय कुमार बुद्ध, आसाम, नंदिता शर्मा ,श्री ठाकुर, झारखंड, अमिता सचान,लखनऊ व अन्य कवि- साहित्यकारों ने अपनी सुन्दर व भावमय प्रस्तुति से भक्ति रस की निर्मल जलधारा बहा दी। कवियों को प्रोत्साहन स्वरूप मंच द्वारा पुरस्कृत भी किया गया,जिनमें नंदिता शर्मा, मधु गुप्ता, विनय कुमार बुद्ध, कनक पारिख व पूनम सिंह प्रियश्री के नाम उल्लेखनीय हैं।कार्यक्रम का संचालन डाॅ मंजू शकुन खरे,दतिया ने किया।सभी कवि बंधुओं ने अपनी सुन्दर प्रस्तुति से माँ का सुन्दर दरबार सजा दिया। दिव्यांजलि वर्मा ने माँ का आवाह्न करते हुये कहा ,” शेरांवाली मैया शेरों पर बैठकर ,मेरे घर आजा मैया पर्वत को छोड़कर।

सीमा मंजरी जी ने जहां नमामि अम्बे द्वारा मैया की स्तुति की तो संजुला सिंह जी ने भक्त गणों को आश्वस्त करते हुए कहे की,” दिखती नहीं तो क्या हुआ, मैया रहती है साथ में।”डाॅ निधि बोथरा जैन जी ने बहुत ही सुंदर आवाज में गाया कि,” मंच पर सजा मैया का आज दरबार सुहाना लगता है।”संगीता निगम ने कहा ,” माता का पूजन कर यह जीवन दिव्य बना लो।”श्री ठाकुर की शैली भी कुछ विशिष्ट रही। उमा शर्मा ने ,”करती है सारे पूरण काम,मेरी मातारानी ” बड़ी ही तल्लीनता से प्रस्तुत किया ।ललिता बी जोंगड़ जी ने भी “यही चरणों में प्रार्थना” बहुत भावमय शैली में प्रस्तुत किया।राजेश तिवारी मक्खन जी ने स्तुति करते हुये कहा,”श्री कात्यायनी महामाया महायोगेश्वरी प्रणाम।”आशु कवि ,निवाड़ी ने भी भावविह्वल होकर पुकार लगाई,”आये हैं तेरे दर पर,झोली पसारे हुए।”अमिता सचान ने कहा कि तू तो ममता लुटाने वाली है माँ, वहीं डाॅ खूशबू ने गुहार लगाई , “माँ गौरी सिद्धि धात्री कर दुष्टों का नाश।”सुधीर श्रीवास्तव ने कहा ,मैया मेरी सुनो आज जरा पुकार। ” मंचासीन प्रस्तुति में शिवनाथ दादा ने ” माँ दुर्गे तेरा अभिनंदन” के द्वारा भक्ति को उच्चतम शिखर पर पहुँचा दिया।अध्यक्षा पुष्पा पाठक ने कहा ” हो सके तो एक ऐसी जगह ढूंढो,जिसमें माँ की जगह न हो”।”नैन्सी गुप्ता ने ” जय अंबे जय जगदम्बे माँ तू है कितनी प्यारी” सुन्दर लयात्मकता के साथ प्रस्तुत किया। स्तुति,गीत ,भजन ,कविता के साथ ही दोहे छंद में भी सस्वर वाचन व प्रस्तुतिकरण दिया गया और आनंद की अविरल धारा संपूर्ण पटल पर बह कर भक्तगणों के मन को तरंगित कर गई। आयोजन का समापन वन्देमातरम राष्ट्रगीत व भारत माता के जयघोष से हुआ।संचालिका डाॅ मंजू शकुन खरे जी ने सभी को ह्रदयगत आभार व्यक्त किया व माता रानी की कृपा- आशीर्वाद सभी पर बना रहे,यही शुभाकांक्षा व्यक्त की।
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