Breaking News

द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन….

JD NEWS VISION….

लखनऊ: :  लखनऊ क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज, लखनऊ के वाणिज्य विभाग ने संस्थान की नवाचार परिषद के सहयोग से कॉलेज के फेयरफील्ड हॉल में अपनी दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया।
इस संगोष्ठी में देश भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल और हरियाणा सहित कई राज्यों से शोध पत्र प्राप्त हुए, जो इस संगोष्ठी की व्यापक शैक्षणिक पहुंच और प्रासंगिकता को दर्शाते हैं।

वाणिज्य विभाग की प्रमुख संयोजक डॉ. ईशा वी. लाल ने संगोष्ठी का स्वर निर्धारित करते हुए कहा, “नवाचार परिवर्तन को एक खतरे के रूप में नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखने की क्षमता है।”
उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि लीना जोहरी (अतिरिक्त मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और महानिदेशक, राष्ट्रीय पोषण मिशन) थीं। अपने संबोधन में उन्होंने नवाचार, समावेशिता और सतत विकास को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मोहम्मद हारिस सिद्दीकी (कुलसचिव, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी) ने शैक्षणिक संस्थानों द्वारा शोध-उन्मुख शिक्षण को बढ़ावा देने और छात्रों को नवीन सोच के माध्यम से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्घाटन सत्र की मुख्य विशेषताएं:
लीना जोहरी (मुख्य अतिथि):
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और नवीन विचारों को उत्पन्न करने के महत्व पर चर्चा की।
अमूल का उदाहरण एक सहकारी मॉडल के रूप में दिया, जिसने अवसर पैदा किए और एक वैश्विक स्तर पर सफल उद्यम के रूप में विकसित हुआ।
छात्रों को उद्यमशीलता संबंधी चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रबंधक एवं अध्यक्ष डॉ. आर. के. सिंह ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और छात्रों को जुनून और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लखनऊ क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज का संक्षिप्त विवरण देते हुए इसकी छह शैक्षणिक इकाइयों और इसकी विरासत पर प्रकाश डाला, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के साथ कॉलेज के जुड़ाव का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने व्यक्त किया कि यह सेमिनार ‘इंडिया 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है और एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान देता है। उन्होंने सेमिनार के आयोजन में बहुमूल्य योगदान के लिए श्रीमती लीना जौहरी, प्रोफेसर हारिस सिद्दीकी और डॉ. ईशा वी. लाल के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य डॉ. बैजू अब्राहम ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता के प्रति बदलती मानसिकता के साथ भारत तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने नवीन विचारों के योगदान में छात्रों की भूमिका की सराहना की और सेमिनार के आयोजन में डॉ. ईशा वी. लाल के प्रयासों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक पहल शैक्षणिक माहौल को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध करती हैं।
संगोष्ठी में कई तकनीकी सत्र शामिल हैं जो प्रमुख उप-विषयों पर केंद्रित हैं, जिनमें व्यावसायिक परिवर्तन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीन व्यावसायिक विचारों का विकास और उद्यमशीलता की चुनौतियों से पार पाने की रणनीतियां शामिल हैं। विभिन्न संस्थानों के संकाय सदस्यों और विशिष्ट वक्ताओं ने ज्ञानवर्धक सत्र दिए, जिससे शैक्षणिक चर्चा समृद्ध हुई।
सेमि‍नार का एक महत्वपूर्ण आकर्षण शोध पत्र और नवीन विचार प्रस्तुत करने वाले छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही, जो उनकी रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक कौशल और उद्यमशीलता की क्षमता को प्रदर्शित करता है।
उद्घाटन सत्र का समापन आयोजन समिति और अतिथियों के समूह चित्र (ग्रुप फोटोग्राफ) के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया।

About admin

Check Also

श्री मेंहदीपुर बालाजी भगवतीगंज का आठवां वर्ष महोत्सव कार्यक्रम के तहत भव्य निशान शोभायात्रा निकाली गई….

जेडी न्यूज विजन…. श्री बालाजी परिवार भगवतीगंज के तत्वावधान में श्री मेंहदीपुर बालाजी भगवतीगंज का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *