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….संतोष कुमार गुप्ता….
लखनऊ: : उत्तर प्रदेश पुलिस अब दहेज, मानहानि और चेक बाउंस जैसे 30 मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं करेगी, डीजीपी राजीव कृष्ण ने हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद स्पष्ट किया कि इनमें केवल अदालत में शिकायत (परिवाद) दर्ज कराने का कानूनी प्रावधान है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाल ही में उन मामलों में एफआईआर दर्ज करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी,जहां कानून केवल परिवाद का प्रावधान करता है। इसके बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब दहेज, घरेलू हिंसा, मानहानि और चेक बाउंस सहित करीब 30 तरह के मामलों में थानों में सीधे एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करना पूरी तरह से गलत और कानून के विपरीत है।
*हाईकोर्ट की टिप्पणी बनी वजह*
डीजीपी ने अपने निर्देश में कहा है कि अक्सर पुलिसकर्मी नियमों की अनदेखी कर एफआईआर दर्ज कर लेते हैं। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए आपत्ति जताई थी। ऐसा होने से न सिर्फ जांच प्रभावित होती है,बल्कि आरोपित को अदालत में राहत मिलने का रास्ता भी खुल जाता है। डीजीपी ने इसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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