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अब NCR में नहीं चल सकेंगे डीजल-पेट्रोल वाहन? इस सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों में दी 100% टैक्ट की छूट

जेडी न्यूज़ विज़न…

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नई दिल्ली: :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचाओ, इलेक्ट्रिक अपनाओ वाली अपील के बाद हरियाणा मंत्रिमंडल ने सोमवार को ‘एग्रीगेटर लाइसेंस’ देने संबंधी नियमों को मंजूरी दे दी, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कैब सेवाएं देने वाले एग्रीगेटर, डिलिवरी सेवा देने वाले और ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल किए जाने वाले सभी वाहन अनिवार्य रूप से CNG, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी चालित वाहन या अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित होंगे।

इसके अलावा, एनसीआर में केवल CNG या इलेक्ट्रिक तिपहिया, ऑटो-रिक्शा को ही अतिरिक्त रूप से शामिल करने की अनुमति होगी।

डीजल-पेट्रोल वाहनों पर रोक

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियम 1993 (Motor Vehicles Act, 1993) के तहत एग्रीगेटर लाइसेंस देने संबंधी नियमों को मंजूरी दी गई। यह मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशानिर्देशों तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के अनुरूप दी गई है।

CAQM ने पिछले साल जून में निर्देश दिया था कि एक जनवरी, 2026 से दिल्ली-एनसीआर में संचालित कैब एग्रीगेटर, डिलिवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के अंतर्गत आने वाले वाहनों में नए पेट्रोल या डीजल वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और NCR के जिलों में वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है।

इन चीजों में होगा सुधार

मंत्रिमंडल ने हरियाणा मोटर व्हिकल एक्ट, 1993 के नियम 86Aq में संशोधन को भी मंजूरी दी, ताकि राज्य में ऐप आधारित यात्री एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा प्रदाताओं के लिए व्यापक नियामों का ढांचा तैयार किया जा सके। नए प्रावधानों में एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा प्रदाताओं के लिए अनिवार्य लाइसेंस, चालकों और वाहनों के पंजीकरण मानदंड, यात्रियों की सुरक्षा उपाय, शिकायत निवारण प्रणाली, प्रशिक्षण कार्यक्रम, चालकों और यात्रियों के लिए बीमा कवर, ऐप के लिए साइबर सुरक्षा अनुपालन और किराया रेगुलेशन शामिल हैं।

ड्राइवरों को मिलेगी बीमा की सुविधा

मंजूर नियमों के अनुसार, एग्रीगेटर और डिलिवरी सेवा देने वालों को यात्रियों के लिए न्यूनतम पांच लाख रुपये का बीमा कवर, चालकों के लिए कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और पंजीकृत चालकों के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपये का सावधि बीमा सुनिश्चित करना होगा। नियमों के तहत संबंधित वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, पैनिक बटन, प्राथमिक उपचार किट और अग्निशामक यंत्र लगाना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा एग्रीगेटर को यात्रियों की सहायता और शिकायत निवारण के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष और कॉल सेंटर स्थापित करने होंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों में 100 फीसदी टैक्ट की छूट

पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए नियमों में वाहन और चालक संबंधी विवरण का ‘वाहन’ और ‘सारथी’ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सत्यापन करने का प्रावधान किया गया है। इस बीच, मंत्रिमंडल की बैठक से पहले हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

वर्तमान में हरियाणा सरकार ईवी पंजीकरण शुल्क पर 20 प्रतिशत की रियायत देती है। उन्होंने कहा कि यदि EV पर Tax में राहत दी जाती है तो लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ेगा। विज ने यह भी कहा कि राज्य सरकार 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है।

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