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जहाजों पर हमला स्वीकार नहीं, लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान…

भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’…

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबाेधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में जारी जंग से सर्वाधिक प्रभावित देशों में से एक है, और भारतीय मिशन प्रभावितों की मदद में जुटे हैं।

पीएम मोदी ने आगाह किया कि ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, खास कर कच्चे तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

पीएम मोदी का ये संबोधन ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ता टकराव वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। याद रहे कुछ दिनों पहले ईरान ने सऊदी अरब, इजरायल और अमेरिका को निशाना बनाने की धमकी दी थी, जिसमें सऊदी अरब के ठिकाने और इजरायल के परमाणु ऊर्जा संयंत्र शामिल थे।

पीएम मोदी बोले- जहाजों पर हमला अस्वीकार्य

पीएम मोदी ने ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की निंदा की और स्पष्ट किया कि होर्मुज जलसंधि में किसी भी प्रकार की बाधा या वाणिज्यिक जहाजों पर हमले अस्वीकार्य हैं। भारत ने सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए हैं और बातचीत को ही समस्या का एकमात्र समाधान बताया।

 

पीएम मोदी ने कहा भारत सरकार आवश्यक सामानों से जुड़े जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के तहत होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फंसे कई भारतीय जहाज सुरक्षित देश लौट पाए हैं।

 

क्‍या भारत में बढ़ेगे पेट्रोल डीजल के दाम?

याद रहे, हॉरमुज जलडमरूमध्य विश्व के अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को ओमान सागर से जोड़ता है। वैश्विक पेट्रोलियम और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग 20% व्यापार इसी मार्ग से होता है। अगर महत्वपूर्ण रास्ते पर कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति में बड़ा संकट आ सकता है, जिससे इनकी कीमतें आसमान छू सकती हैं।

क्‍या भारत में होगी कमी?

पीएम मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में हासिल प्रगति का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में, भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात को 27 से बढ़ाकर 41 विभिन्न देशों तक विविधीकृत किया है, जिससे निर्भरता कम हुई है। इसी अवधि में देश की रिफाइनिंग क्षमता में भी वृद्धि हुई है। भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार उपलब्ध है, जिसका लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाना निर्धारित किया गया है।

क्‍या जंग से भारत की अर्थव्‍यवस्‍था पर है संकट?

पीएम मोदी ने बताया वैश्विक अर्थव्यवस्था पर वर्तमान संकट के प्रभावों को स्वीकार करते हुए, सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम कर रही है। एक अंतर-मंत्रालयी समूह प्रतिदिन बैठक कर रहा है और सभी हितधारकों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है।

इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी जोर दिया

पीएम मोदी ने इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहापिछले 10-11 वर्षों में इथेनॉल के उत्पादन और पेट्रोल में उसकी 20% ब्लेंडिंग पर भी महत्वपूर्ण कार्य हुआ है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिल रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए ईंधन लागत में भी बचत हो रही है।

मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया गया है और वैकल्पिक ईंधनों पर किए जा रहे काम से भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा। खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार है और खरीफ सीजन की बुवाई ठीक से हो सके, इसके लिए सरकार ने खाद्य पदार्थों की पर्याप्त व्यवस्था की है।

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