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PM की उपराज्यपालों व मुख्यमंत्रियों संग ढाई घंटे चली बैठक में आठ बिन्दु अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (27 मार्च) शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ ढाई घंटे की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का मुख्य मुद्दा पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव ‘अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष’ का भारत पर संभावित असर और राज्यों की तैयारियों की समीक्षा था।
बैठक करीब 6:30 बजे शुरू हुई। चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हुए, क्योंकि वहां आदर्श आचार संहिता लागू है। उनके मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय ने अलग बैठक की। आइए जानते हैं क्या-क्या मीटिंग में PM मोदी ने दिया संदेश?
PM Modi Big Message ‘Team India’: PM मोदी का बड़ा मैसेज: ‘टीम इंडिया’ ही हमारी ताकत
प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों के सुझावों की सराहना की और कहा कि बदलती स्थिति से निपटने में ये बेहद उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने जोर दिया कि सतर्कता, तैयारी और सामूहिक प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।
PM मोदी ने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि केंद्र और राज्य जब ‘टीम इंडिया’ बनकर साथ खड़े हुए, तो सप्लाई चेन, व्यापार और आम जनजीवन पर असर को कम किया जा सका। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट से निपटने में भी यही भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी।
PM Modi Meeting Highlights: बैठक में क्या-क्या तय हुआ? मुख्य फैसले और निर्देश
PM मोदी ने बैठक में ये अहम बातें कहीं:
- 3 मार्च से सक्रिय इंटर-मिनिस्ट्रील ग्रुप: रोजाना स्थिति की समीक्षा हो रही है और तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं।
- सरकार की 4 प्राथमिकताएं: आर्थिक-व्यापारिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और उद्योग-सप्लाई चेन को मजबूत करना।
- सप्लाई चेन सुचारू रखें: राज्यों को जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय करें।
- कृषि क्षेत्र पर फोकस: खरीफ सीजन से पहले खाद-उर्वरक के भंडारण और वितरण की निगरानी बढ़ाएं, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।
- अफवाहों पर लगाम: गलत जानकारी और अफवाहों से बचें। सही और भरोसेमंद जानकारी का तुरंत प्रसार करें। ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहें।
- सीमावर्ती-तटीय राज्यों को खास सतर्कता: शिपिंग, जरूरी सामान की आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखें।
- विदेश में रह रहे भारतीयों की मदद: प्रभावित परिवारों के लिए हेल्पलाइन, नोडल अधिकारी और जिला-स्तर पर सहायता केंद्र बनाएं।
- वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर: जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबर-धन (GOBARdhan), इलेक्ट्रिक वाहन और पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दें। घरेलू तेल-गैस खोज बढ़ाएं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार LPG की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है और पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने जैसे कदम उठाए गए हैं। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने पूरी स्थिति पर प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्रियों ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने PM मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र के कदमों से स्थिति नियंत्रण में है। पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने और कमर्शियल LPG आवंटन 50% से बढ़ाकर 70% करने के फैसले का स्वागत। वैश्विक अनिश्चितता के बीच ये फैसले आम लोगों को राहत देंगे। केंद्र के साथ मिलकर ‘टीम इंडिया’ की भावना से काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि यह साझा जिम्मेदारी है और ‘टीम इंडिया’ के रूप में हम इस चुनौती पर भी विजय पा लेंगे।
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