लखनऊ : : प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ की सफलता में निजी क्षेत्र के बैंकों का असहयोगात्मक रवैया योजना के लक्ष्य को पाने में बाधा बना हुआ है।
ये बैंक योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऋण देने से बचते नजर आ रहे हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, एक्सिस जैसे बड़े बैंकों की प्रगति निराश करने वाली है। निजी क्षेत्र के बैंकों के इस असहयोग को देखते हुए अब यह बात होने लगी है कि इन बैंकों में सरकारी धनराशि जमा करने पर रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे महत्वकांक्षी योजना है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 1.5 लाख युवाओं को बैंकों से ऋण दिलाने का लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत ऋण की मार्जिन मनी और ब्याज का वहन प्रदेश सरकार करती है, जिससे लाभार्थी पर ऋण की अदायगी का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता है।
कई बैंकों ने 109 से 140 प्रतिशत तक लक्ष्य का हासिल किया
सरकार का मानना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार से जुड़ेंगे। हाल ही की रिपोर्ट के अनुसार 1.5 लाख में से 1,30,362 युवाओं को योजना के तहत बैंकों ने उद्यम के लिए ऋण दिया था। इस लक्ष्य हासिल करने में राष्ट्रीयकृत बैंकों का ही बड़ा योगदान है। इनमें से कई बैंकों ने 109 से 140 प्रतिशत तक लक्ष्य का हासिल किया है।
इसी योजना में निजी क्षेत्र के बैंकों का योगदान न्यूनतम है। योजना के तहत आईडीबीआई बैंक ने लक्ष्य का 39.23 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक ने 20.26 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक ने 9.89 प्रतिशत, एक्सिस बैंक ने 8.08 प्रतिशत, इंडसइंड बैंक ने 0.53 तथा बंधन बैंक ने 0.18 प्रतिशत हासिल किया है।
वहीं, राष्ट्रीयकृत बैंक आफ इंंडिया ने लक्ष्य का 140.21 प्रतिशत, बैंक आफ बड़ौदा 138.76, स्टेट बैंक आफ इंडिया 129.09, यूनियन बैंक आफ इंडिया 113.44, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया 109.43, पंजाब नेशनल बैंक ने 108.86 तथा इंडियन बैंक ने 96.40 प्रतिशत लक्ष्य का हासिल किया है।
पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित स्टेट लेबल बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा योजनाओं में रूचि नहीं दिखाए जाने पर नाराजगी जताई गई थी। यहां तक कहा गया कि निजी बैंकों की स्थिति यही बनी रही तो इनमें जमा हो रही सरकारी धनराशि पर रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान
सरकारी बैंक
| बैंक | लक्ष्य (लाभार्थियों की संख्या) | प्रगति (ऋण दिया) | प्रतिशत |
| बैंक ऑफ इंडिया | 4544 | 6371 | 140.21 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 11083 | 15379 | 138.76 |
| एसबीआई | 20131 | 25988 | 129.09 |
| यूबीआई | 8800 | 9983 | 113.44 |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 5121 | 5605 | 109.43 |
| पीएनबी | 13760 | 14979 | 108.86 |
निजी क्षेत्र के बैंक
| बैंक | लक्ष्य (लाभार्थियों की संख्या) | प्रगति (ऋण दिया) | प्रतिशत |
| आईडीबीआई | 984 | 386 | 39.23 |
| एचडीएफसी बैंक | 7272 | 1473 | 20.26 |
| आईसीआईसीआई | 3449 | 341 | 9.89 |
| एक्सिस बैंक | 3985 | 322 | 8.08 |
| इंडसइंड बैंक | 378 | 02 | 0.53 |
| बंधन बैंक | 1112 | 02 | 0.18 |
हेमंत श्रीवास्तव
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