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दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर अब नवा और पुराने रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई के हाऊसिंग, एजुकेशन, हेल्थ और ट्रांसपोर्ट खासतौर पर मेट्रो प्रोजेक्ट एक साथ कैसे आकार लेंगे? इसके लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति होगी। अलग-अलग प्रोजेक्ट के एक्सपर्ट का पैनल चारों प्रमुख शहरों का प्रोजेक्ट एक साथ बनाएगा। उसी आधार पर स्टेट कैपिटल रीजन के तहत चारों शहरों का महानगरों की तर्ज पर विकास किया जाएगा। शासन स्तर पर एक्सपर्ट की पोस्टिंग के लिए मंजूरी दे दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन – एससीआर) की पहली बैठक हुई। बैठक में सबसे पहले बताया गया कि प्राधिकरण बनाने का उद्देश्य क्या है और ये कैसे काम करेगा।
इसके दायरे में कौन कौन से क्षेत्र आएंगे। इसी दौरान ये निर्णय लिया गया कि राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स का विकास किया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो संचालन कैसे और किस किस रुट में किया जाएगा। इसके लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी की जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति की भी मंजूरी दी गई।
कैपिटल रीजन के तहत जितने भी क्षेत्रों में प्रोजेक्ट लांच किए जाएंगे, उसकी प्लानिंग के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भी प्रस्ताव रखा गया। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी।
बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार हर क्षेत्र में बढ़ेंगे: साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन का गठन बढ़ती हुई आबादी के हिसाब से आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। प्राधिकरण की पहली बैठक में अहम निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
1985 में दिल्ली में बना पहला एनसीआर, इसी से बदली तस्वीर छत्तीसगढ़ में स्टेट कैपिटल रीजन का गठन दिल्ली के एनसीआर की तर्ज पर किया गया है। देश में पहली बार 1985 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड का एक्ट बना था। एनसीआर का उद्देश्य दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के दबाव को कम करना था। इसके अलावा आस-पास के शहरों में नए प्रोजेक्ट संतुलित तरीके से लांच करना था।
एनसीआर बनने के बाद ही नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहर बड़े आर्थिक और आईटी हब बन गए हैं। उसके बाद आंध्रप्रदेश कैपिटल रीजन, ओडिशा में भुवनेश्वर-कटक और कर्नाटक में बैंगलोर मेट्रोपोलिटिन रीजन ने आकार लिया।
स्टेट कैपिटल बनने से ये होंगे बदलाव
- रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई की क्षेत्रीय (रीजनल) प्लानिंग शुरू होगी
- अभी तक इन इलाकों में अलग-अलग एजेंसियां काम कर रही हैं। बाद में एक एजेंसी काम करेगी।
- पूरे क्षेत्र के लिए एक संयुक्त मास्टर प्लान बनाया जा सकता है।
- शहर और आसपास के जिलों का विकास एक साथ प्लान होगा।
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