जेडी न्यूज़ विज़न….
० मसाले की क्वालिटी पर उठ रहे सवाल…
भारत में मसालों के बड़े ब्रांडों में गिने जाने वाले एवरेस्ट मसाले को लेकर हाल ही में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कुछ देशों में किए गए खाद्य गुणवत्ता परीक्षण में कंपनी के कुछ मसाला उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
रिपोर्ट के मुताबिक इन उत्पादों के नमूनों में एंटरोबैक्टीरियासी नामक बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है। इस खुलासे के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है और कई देशों की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
क्या है एंटरोबैक्टीरियासी बैक्टीरिया….
एंटरोबैक्टीरियासी दरअसल बैक्टीरिया का एक बड़ा समूह होता है, जो आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाता है। इस समूह में कई प्रकार के बैक्टीरिया शामिल होते हैं, जैसे ई. कोलाई (E. coli), साल्मोनेला और क्लेबसिएला आदि। हालांकि इनमें से सभी बैक्टीरिया खतरनाक नहीं होते, लेकिन कुछ प्रकार मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
खाद्य पदार्थों में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी आमतौर पर स्वच्छता की कमी, गलत स्टोरेज या प्रोसेसिंग के दौरान दूषित होने का संकेत मानी जाती है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा मानकों में इसकी मात्रा पर सख्त निगरानी रखी जाती है।

मसालों में बैक्टीरिया कैसे पहुंचता है
मसालों के उत्पादन की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। इसमें कच्चे मसालों की खेती, कटाई, सुखाने, भंडारण, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग शामिल है। अगर इन चरणों में कहीं भी स्वच्छता मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जाता, तो बैक्टीरिया खाद्य पदार्थ में पहुंच सकता है।
इसके अलावा नमी, धूल, गंदा पानी या अस्वच्छ उपकरण भी बैक्टीरिया के फैलने का कारण बन सकते हैं। मसालों को अक्सर लंबे समय तक स्टोर किया जाता है, इसलिए अगर शुरू में ही उनमें बैक्टीरिया मौजूद हो, तो समय के साथ उसकी मात्रा बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक
यदि एंटरोबैक्टीरियासी समूह के हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाएं, तो यह फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जोखिम और ज्यादा हो सकता है। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर भी हो सकता है, जिसके लिए मेडिकल उपचार की जरूरत पड़ती है। हालांकि मसाले आमतौर पर खाना पकाने के दौरान उच्च तापमान पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे कई प्रकार के बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। फिर भी खाद्य उत्पादों में इनकी मौजूदगी को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से स्वीकार्य नहीं माना जाता।
कंपनी और एजेंसियों की प्रतिक्रिया
मामला सामने आने के बाद संबंधित खाद्य सुरक्षा एजेंसियां नमूनों की दोबारा जांच कर रही हैं। वहीं कंपनी की ओर से भी कहा गया है कि वह गुणवत्ता मानकों का पालन करती है और मामले की पूरी जांच में सहयोग करेगी। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए कंपनियों को सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छ उत्पादन प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह…
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उपभोक्ताओं को हमेशा भरोसेमंद ब्रांड के उत्पाद खरीदने चाहिए और मसालों को सूखी और साफ जगह पर स्टोर करना चाहिए। साथ ही खाना पकाने के दौरान सही तापमान का इस्तेमाल करने से भी खाद्य संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े ब्रांडों को भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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