जेडी न्यूज़ विज़न….
महिला दिवस पर कविता
आज फिर आया है
International Women’s Day,
पर औरत की कहानी
सिर्फ एक दिन की नहीं होती।
वह हर सुबह
सूरज से पहले जागती है,
घर की दहलीज़ पर
अपने सपनों को टांगकर
दूसरों की खुशियाँ बुनती है।
वह माँ बनकर
ममता की नदी बहाती है,
बहन बनकर
हर दर्द चुपचाप सह जाती है,
और पत्नी बनकर
टूटे घरों को भी
मुस्कान से जोड़ती है।
पर सच यह भी है—
वह सिर्फ रिश्तों का नाम नहीं,
वह एक पहचान है,
एक आवाज़ है,
जो अब खामोश नहीं रहेगी।
अब औरत
अपने हिस्से का आसमान
खुद लिख रही है,
अपने हक़ की जमीन
खुद चुन रही है।
क्योंकि
औरत कमजोर नहीं,
वह वह शक्ति है
जिससे दुनिया चलती है।
इसलिए
महिला दिवस पर
बस इतना याद रखो—
औरत को सम्मान
सिर्फ आज नहीं,
हर दिन मिलना चाहिए।
सुषमा बंजारे जेडी न्यूज विजन छत्तीसगढ़ ✨🌸
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